AI का खौफ सिर्फ एक छलावा… पूर्व RBI गवर्नर रघुराम राजन ने क्यों कहा- नहीं जाएंगी नौकरियां?

By Ravi Singh

Published on:

पूर्व RBI गवर्नर रघुराम राजन AI पर बोलते हुए, नौकरियां सुरक्षित बताते हुए
WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

पूर्व RBI गवर्नर रघुराम राजन ने AI से बड़े पैमाने पर नौकरियां खत्म होने के डर को बढ़ा-चढ़ाकर बताया है। वे मानते हैं कि व्हाइट-कॉलर जॉब्स पर AI का प्रभाव 2028 तक इतना विनाशकारी नहीं होगा, क्योंकि तकनीकी बदलाव हमेशा धीरे-धीरे आते हैं। भारत के सर्विस सेक्टर में डिसरप्शन तो होगा, लेकिन तबाही नहीं। असली खतरा AI की शक्ति कुछ ही कंपनियों में केंद्रित होने से है, जो मजदूरी दबा सकती है और असमानता बढ़ा सकती है। राजन ‘गोल्डीलॉक्स’ परिदृश्य की वकालत करते हैं, जहां AI न बहुत तेजी से फैले और न ही बहुत कम कंपनियों के हाथ में रहे।

पूर्व भारतीय रिजर्व बैंक गवर्नर रघुराम राजन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े डर को खारिज करते हुए कहा है कि व्हाइट-कॉलर नौकरियां इतनी जल्दी खत्म नहीं होंगी। हाल ही में Citrini रिसर्च की एक रिपोर्ट ने दावा किया था कि 2028 तक AI अधिकांश व्हाइट-कॉलर रोजगार समाप्त कर देगा, जिससे अर्थव्यवस्था में बड़े संकट पैदा होंगे। राजन ने इस ‘डूम्सडे’ परिदृश्य को साइंस फिक्शन करार दिया और कहा कि तकनीकी परिवर्तन हमेशा अपेक्षा से धीमा होता है।

उन्होंने अपने लेख “Are We Facing an AI Nightmare?” में उदाहरण दिया कि 1920 के दशक में ऑटोमेटेड टेलीफोन एक्सचेंज संभव थे, लेकिन अमेरिका में आखिरी मानव टेलीफोन ऑपरेटर को 1980 के दशक तक बदला गया। इसी तरह AI के मामले में भी फ्रिक्शन, इनर्शिया और अपनाने में देरी से बदलाव की गति धीमी रहेगी। सॉफ्टवेयर जैसे कुछ क्षेत्रों को छोड़कर अधिकांश सेक्टर में यह प्रभाव सीमित रहेगा।

भारत के संदर्भ में राजन ने माना कि AI भारतीय सर्विस सेक्टर को प्रभावित करेगा, खासकर सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट और बैक-ऑफिस कामों को। भारतीय IT इंडस्ट्री, जो सेवा निर्यात पर आधारित है, को चुनौती मिलेगी। लेकिन वे जोर देते हैं कि भारत का सर्विस मॉडल पूरी तरह डिरेल नहीं होगा। सॉफ्टवेयर के बाहर कई क्षेत्रों में सेवा आधारित विकास जारी रह सकता है। AI से डिसरप्शन आएगा, लेकिन बड़े पैमाने पर रोजगार विनाश नहीं।

See also  मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से शेयर बाजार में भारी गिरावट, निवेशकों के एक दिन में डूबे ₹10 लाख करोड़; Sensex-Nifty धड़ाम

राजन ने कहा कि AI से कुछ नौकरियां जा सकती हैं, लेकिन नई नौकरियां भी पैदा होंगी। अगर भारतीय IT कंपनियां रीस्किलिंग और रीटूलिंग में तेजी दिखाएं, तो AI से मांग बढ़ सकती है। वे चेतावनी देते हैं कि असली समस्या AI का तेज रोलआउट नहीं, बल्कि इसकी शक्ति कुछ ही बड़ी कंपनियों में केंद्रित होना है। इससे मजदूरी पर दबाव बढ़ेगा, असमानता गहराएगी और आर्थिक संरचना बदल सकती है।

वे कई संभावित परिदृश्यों पर चर्चा करते हैं। एक में कुछ शक्तिशाली AI प्लेटफॉर्म विकसित हो सकते हैं, जो बाजार पर हावी हों। दूसरा परिदृश्य व्यापक बेरोजगारी का है, लेकिन राजन मानते हैं कि ऐसा होने की संभावना कम है क्योंकि सरकारें और समाज ऐसी स्थिति में प्रतिक्रिया देंगे। तीसरा ‘गोल्डीलॉक्स’ परिदृश्य है- जहां AI का विकास न बहुत तेज हो और न उद्योग बहुत ओलिगोपोलिस्टिक बने। यही सर्वोत्तम स्थिति है।

भारत के लिए राजन की सलाह है कि स्किल डेवलपमेंट पर फोकस बढ़ाएं। AI को चुनौती मानकर रेस्किलिंग प्रोग्राम चलाएं, खासकर युवा वर्कफोर्स के लिए। सर्विस सेक्टर की ताकत को बनाए रखने के लिए मानव-केंद्रित स्किल्स जैसे क्रिएटिविटी, समस्या समाधान और इंटरपर्सनल कम्युनिकेशन पर जोर दें, जो AI आसानी से रिप्लेस नहीं कर सकता।

वे यह भी कहते हैं कि AI से डरने के बजाय इसे अवसर के रूप में देखें। भारत जैसे देश में जहां युवा आबादी अधिक है, अगर रीस्किलिंग सही तरीके से हो तो AI नई वैल्यू क्रिएट कर सकता है। लेकिन अगर AI कुछ कंपनियों के हाथ में रहा तो वैश्विक स्तर पर मजदूरी दबाव और असमानता बढ़ेगी।

See also  गोल्ड-सिल्वर ETF का नया रिकॉर्ड: AUM 3 लाख करोड़ पार, 5 महीने में तीन गुना उछाल; निवेशकों का भरोसा क्यों बढ़ा?

राजन की यह राय उन रिपोर्ट्स के विपरीत है जो AI से बड़े पैमाने पर जॉब लॉस का अनुमान लगाती हैं। वे जोर देते हैं कि इतिहास बताता है कि तकनीक अंततः अधिक समृद्धि लाती है, लेकिन संक्रमण काल में सावधानी बरतनी जरूरी है। भारत को AI नीति में संतुलन बनाना चाहिए- इनोवेशन को बढ़ावा दें, लेकिन एकाधिकार रोकें और वर्कफोर्स को तैयार करें।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

Ravi Singh

मेरा नाम रवि सिंह है, मैं एक कंटेंट राइटर के तौर पर काम करता हूँ और मुझे लेख लिखना बहुत पसंद है। 4 साल के ब्लॉगिंग अनुभव के साथ मैं हमेशा दूसरों को प्रेरित करने और उन्हें सफल ब्लॉगर बनाने के लिए ज्ञान साझा करने के लिए तैयार रहता हूँ।

Leave a Comment