“मार्केट पार्टिसिपेंट्स ने बजट 2026 से पहले LTCG छूट सीमा को ₹1.25 लाख से बढ़ाकर ₹2 लाख करने, LTCG और STCG टैक्स रेट को 10% तक घटाने, STT में कोई बढ़ोतरी न करने और डिविडेंड इनकम पर टैक्स राहत की मांग की है, ताकि रिटेल इनवेस्टर्स की भागीदारी बढ़े।”
मार्केट पार्टिसिपेंट्स ने फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण से अपील की है कि बजट 2026 में कैपिटल मार्केट टैक्सेशन को आसान बनाया जाए। वर्तमान में LTCG पर 12.5% टैक्स लगता है, जो ₹1.25 लाख से ऊपर के गेन पर लागू होता है। वे इस छूट सीमा को ₹2 लाख तक बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, जिससे छोटे इनवेस्टर्स को फायदा मिलेगा।
STCG पर मौजूदा 20% टैक्स रेट को घटाकर 10% करने की भी डिमांड है, क्योंकि इससे शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग में जोखिम कम होगा। STT में कोई आगे बढ़ोतरी न करने की सलाह दी गई है, क्योंकि हाल के बजट में इसमें वृद्धि से ट्रांजेक्शन कॉस्ट बढ़ गई थी।
डिविडेंड इनकम पर टैक्स को भी कम करने या छूट देने की मांग उठी है, ताकि लॉन्ग-टर्म इनवेस्टमेंट को प्रोत्साहन मिले। एसेट क्लासेस में होल्डिंग पीरियड को यूनिफॉर्म बनाने की भी अपील की गई है।
जनवरी 2026 में डीमैट अकाउंट्स की संख्या 21.59 करोड़ तक पहुंच गई है, जो पिछले साल से 16% की वृद्धि दर्शाती है। सेंसेक्स हाल ही में 83,570 पॉइंट्स पर बंद हुआ, जो मार्केट की रेजिलिएंस दिखाता है, लेकिन टैक्स बोझ से रिटेल पार्टिसिपेशन प्रभावित हो रहा है।
वर्तमान टैक्स रेट्स vs मांगी गई राहत:
प्रमुख मांगें बिंदुवार:
LTCG छूट सीमा बढ़ाकर छोटे ट्रेडर्स को राहत।
STT में स्थिरता रखकर ट्रांजेक्शन वॉल्यूम बढ़ाना।
टैक्स रेट्स को कम करके विदेशी निवेशकों से मुकाबला।
यूनिफॉर्म होल्डिंग पीरियड से टैक्स प्लानिंग आसान।
| पैरामीटर | वर्तमान रेट | मांगी गई राहत |
|---|---|---|
| LTCG टैक्स रेट | 12.5% (₹1.25 लाख से ऊपर) | 10% (छूट सीमा ₹2 लाख) |
| STCG टैक्स रेट | 20% | 10% |
| STT | खरीद-बिक्री पर लागू (हालिया बढ़ोतरी) | कोई आगे वृद्धि नहीं |
| डिविडेंड टैक्स | इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार | छूट या रिडक्शन |
कुल मिलाकर, ये बदलाव रिटेल इनवेस्टर्स की संख्या को 25 करोड़ तक पहुंचाने में मदद कर सकते हैं।
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