“ICICI Bank का Q3 प्रॉफिट 4% घटकर ₹11,318 करोड़ रहा, जबकि HDFC Bank का 11.5% बढ़कर ₹18,654 करोड़ पहुंचा। दोनों बैंकों में NPA रेशियो में सुधार देखा गया, लोन ग्रोथ मजबूत रही लेकिन प्रोविजन बढ़ने से ICICI पर दबाव पड़ा।”
ICICI Bank ने Q3 में स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹11,318 करोड़ दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 4% कम है। YoY आधार पर यह गिरावट प्रोविजन में बढ़ोतरी से आई, जहां प्रोविजन ₹1,730 करोड़ तक पहुंच गए। NII 6% बढ़कर ₹20,371 करोड़ हो गया, लेकिन NIM 4.3% पर स्थिर रहा।
HDFC Bank ने मजबूत प्रदर्शन दिखाया, जहां नेट प्रॉफिट YoY 11.5% बढ़कर ₹18,654 करोड़ पहुंचा। NII 4.8% बढ़कर ₹31,552 करोड़ रहा, जबकि प्रोविजन ₹3,501 करोड़ पर नियंत्रित रहे। दोनों बैंकों में लोन बुक ग्रोथ डबल डिजिट में रही, ICICI की 9% YoY और HDFC की 7.6% YoY।
मुख्य फाइनेंशियल हाइलाइट्स (YoY तुलना):
| पैरामीटर | ICICI Bank (Q3 FY26) | HDFC Bank (Q3 FY26) |
|---|---|---|
| नेट प्रॉफिट | ₹11,318 करोड़ (-4%) | ₹18,654 करोड़ (+11.5%) |
| NII | ₹20,371 करोड़ (+6%) | ₹31,552 करोड़ (+4.8%) |
| NIM | 4.3% (स्थिर) | 3.43% (स्थिर) |
| प्रोविजन | ₹1,730 करोड़ (+41%) | ₹3,501 करोड़ (+30%) |
| लोन ग्रोथ | 9% | 7.6% |
| डिपॉजिट ग्रोथ | 9% | 15.8% |
एसेट क्वालिटी में सुधार जारी रहा। ICICI Bank का ग्रॉस NPA रेशियो 1.58% से घटकर 1.42% हो गया, जबकि नेट NPA 0.42% पर आया। HDFC Bank का ग्रॉस NPA 1.42% रहा, ex-agri सेगमेंट में 1.19% तक सुधार। रिटेल और SME सेगमेंट में स्लिपेज कंट्रोल में रहे, लेकिन एग्री सेगमेंट में सीजनल प्रेशर दिखा।
एसेट क्वालिटी ब्रेकडाउन:
ICICI Bank: ग्रॉस NPA एडिशन ₹6,085 करोड़, रिकवरी और अपग्रेड ₹3,648 करोड़ से ज्यादा।
HDFC Bank: GNPA सेगमेंट वाइज – रिटेल 0.8%, CRB 1.8%, कॉर्पोरेट 1.2%।
दोनों में PCR 78% से ऊपर, जो रिस्क कवरेज को मजबूत बनाता है।
मार्जिन प्रेशर के बावजूद, CASA रेशियो ICICI में 38.7% और HDFC में 33% रहा। ऑपरेटिंग एक्सपेंस कंट्रोल में, CI रेशियो ICICI में 40.6% और HDFC में समान स्तर पर। कैपिटल एडेक्वेसी रेशियो ICICI में 17% और HDFC में 20% रहा, जो RBI गाइडलाइंस से ऊपर है।
सेगमेंट वाइज परफॉर्मेंस:
रिटेल लेंडिंग: ICICI में 29.7% YoY ग्रोथ, HDFC में डबल डिजिट एक्सपैंशन।
कॉर्पोरेट लोन: दोनों में स्थिर, लेकिन HDFC में बिजनेस लोन +29.7% YoY।
अन्य इनकम: ICICI में 25% YoY बढ़कर ₹14,350 करोड़, फी इनकम से बूस्ट।
इन नतीजों से बैंकिंग सेक्टर में रिकवरी ट्रेंड दिखता है, लेकिन मार्जिन और प्रोविजन पर नजर रखनी होगी।
Disclaimer: यह न्यूज रिपोर्ट सार्वजनिक फाइनेंशियल डेटा पर आधारित है और निवेश सलाह नहीं है।






