देश में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) खरीदने से पहले जान लें: आपके राज्य में चार्जिंग स्टेशन का लेटेस्ट स्टेटस क्या है?

By Ravi Singh

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भारत के विभिन्न राज्यों में EV चार्जिंग स्टेशनों का मैप दिखाता हुआ ग्राफिक, कर्नाटक और महाराष्ट्र हाइलाइटेड
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“देश में कुल 29,151 सार्वजनिक EV चार्जिंग स्टेशन स्थापित हो चुके हैं, जिसमें कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे राज्य आगे हैं, लेकिन कई राज्यों में अभी भी कमी बनी हुई है। EV खरीदने से पहले अपने राज्य की इंफ्रास्ट्रक्चर स्थिति जांचना जरूरी है, ताकि रेंज एंग्जायटी से बचा जा सके।”

EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर: राज्यवार स्टेटस और चुनौतियां

भारत में EV अपनाने की रफ्तार तेज हो रही है, लेकिन सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन की उपलब्धता अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। फरवरी 2026 तक देशभर में कुल 29,151 सार्वजनिक EV चार्जिंग स्टेशन लगाए जा चुके हैं। इनमें से 8,805 फास्ट चार्जर और 20,346 स्लो चार्जर शामिल हैं। यह आंकड़ा पिछले कुछ वर्षों में काफी बढ़ा है, लेकिन EV की संख्या के मुकाबले अभी भी कमी है, जिससे कई यूजर्स को वेटिंग और रेंज की चिंता रहती है।

सरकार ने PM E-DRIVE योजना के तहत 72,000 से ज्यादा नए चार्जिंग स्टेशन लगाने का लक्ष्य रखा है, जिसमें हाईवे, टियर-2 शहरों और ग्रामीण इलाकों पर फोकस है। चार्जिंग स्टेशन लगाना अब अनलाइसेंस्ड एक्टिविटी है, जिससे प्राइवेट कंपनियां आसानी से इसमें निवेश कर रही हैं।

यहां प्रमुख राज्यों में सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की संख्या दी गई है (लेटेस्ट उपलब्ध डेटा के आधार पर):

राज्यचार्जिंग स्टेशन की संख्याटिप्पणी
कर्नाटक6,096सबसे ज्यादा, बेंगलुरु में घनी नेटवर्क
महाराष्ट्र4,166मुंबई-पुणे में मजबूत इंफ्रा, हाईवे पर बढ़ोतरी
उत्तर प्रदेश2,316तेजी से बढ़ रहा, NCR क्षेत्र में फायदा
दिल्ली1,957हाई EV एडॉप्शन, लेकिन ट्रैफिक में चार्जर उपयोगिता कम
तमिलनाडु1,780चेन्नई और कोयंबटूर में अच्छी कवरेज
राजस्थान1,515जयपुर और हाईवे पर फोकस
केरल1,389दक्षिण में मजबूत, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में कमी
गुजरात1,205अहमदाबाद-सूरत कॉरिडोर में विस्तार
मध्य प्रदेश1,146इंदौर-भोपाल में सुधार
तेलंगाना1,062हैदराबाद में हाई डेंसिटी
हरियाणा919गुरुग्राम-फरीदाबाद में अच्छा
पश्चिम बंगाल891कोलकाता फोकस्ड
आंध्र प्रदेश791विशाखापत्तनम और विजयवाड़ा में बढ़ोतरी
पंजाब698चंडीगढ़ क्षेत्र मजबूत
ओडिशा606भुवनेश्वर में सुधार
बिहार518पटना में सीमित, लेकिन योजना में विस्तार

ये आंकड़े बताते हैं कि दक्षिण और पश्चिम भारत के राज्य इंफ्रास्ट्रक्चर में आगे हैं, जबकि उत्तर-पूर्व, पूर्वी और कुछ मध्य भारतीय राज्यों में अभी काफी काम बाकी है। मेट्रो शहरों में चार्जर ज्यादा हैं, लेकिन हाईवे पर हर 25 किमी पर चार्जर का लक्ष्य धीरे-धीरे पूरा हो रहा है।

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EV खरीदने से पहले क्या जांचें?

अपने शहर/क्षेत्र में चार्जर लोकेशन : ऐप्स जैसे PlugShare, Kazam या Tata Power EZ Charge से चेक करें कि घर, ऑफिस और रूट पर कितने फास्ट चार्जर उपलब्ध हैं।

फास्ट vs स्लो : लंबी यात्रा के लिए फास्ट चार्जर (DC) जरूरी, घरेलू चार्जिंग के लिए स्लो (AC) काफी।

राज्य नीतियां : दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में EV पर ज्यादा सब्सिडी और चार्जिंग इंसेंटिव हैं।

भविष्य की योजना : 2026 में PM E-DRIVE से हजारों नए स्टेशन आएंगे, खासकर हाईवे और टियर-2 शहरों में।

होम चार्जिंग : ज्यादातर EV ओनर्स घर पर 7-11 kW चार्जर लगाते हैं, जो रातभर में फुल चार्ज देता है। अपार्टमेंट में सोसाइटी अप्रूवल जरूरी।

कई राज्यों में चार्जर की उपयोगिता 5-25% तक ही है, क्योंकि मेंटेनेंस इश्यू या लो डिमांड। लेकिन EV सेल बढ़ने से यह सुधरेगा। अगर आपका राज्य टॉप लिस्ट में नहीं है, तो घरेलू चार्जिंग और प्लान्ड रूट्स पर फोकस करें।

EV खरीदने का फैसला लेने से पहले चार्जिंग मैप जरूर देखें – यह आपकी डेली लाइफ को आसान या मुश्किल बना सकता है।

Disclaimer: यह आर्टिकल उपलब्ध सार्वजनिक डेटा और सरकारी अपडेट्स पर आधारित है। चार्जिंग स्टेशन की संख्या में बदलाव संभव है।

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Ravi Singh

मेरा नाम रवि सिंह है, मैं एक कंटेंट राइटर के तौर पर काम करता हूँ और मुझे लेख लिखना बहुत पसंद है। 4 साल के ब्लॉगिंग अनुभव के साथ मैं हमेशा दूसरों को प्रेरित करने और उन्हें सफल ब्लॉगर बनाने के लिए ज्ञान साझा करने के लिए तैयार रहता हूँ।

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