“2026 में सोने की कीमतें वैश्विक अनिश्चितता, सेंट्रल बैंक खरीदारी और निवेशकों की मांग से मजबूत रहने वाली हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $5,000 से $6,300 प्रति औंस तक पहुंच सकता है, जिससे भारत में 10 ग्राम सोने का भाव 1.80 लाख से 2.20 लाख रुपये के बीच जा सकता है। हालांकि, कुछ सुधार संभव हैं, लेकिन लंबी अवधि में तेजी बनी रहेगी।”
वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतें 2026 में नई ऊंचाइयों को छूने की तैयारी में हैं। फरवरी 2026 में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $5,000 प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि भारत में 24 कैरेट सोने का भाव 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है। जेपी मॉर्गन, गोल्डमैन सैक्स, यूबीएस और अन्य प्रमुख संस्थानों के एक्सपर्ट्स ने 2026 के अंत तक सोने के दाम $5,400 से $6,300 प्रति औंस तक पहुंचने का अनुमान जताया है।
यह तेजी मुख्य रूप से सेंट्रल बैंकों की भारी खरीदारी, भू-राजनीतिक तनाव, मुद्रास्फीति की आशंका और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की तलाश से संचालित है। भारत जैसे उभरते बाजारों में निवेश मांग मजबूत बनी हुई है, हालांकि आभूषण मांग उच्च कीमतों से प्रभावित हो सकती है।
वैश्विक पूर्वानुमान और प्रमुख लक्ष्य
प्रमुख वैश्विक ब्रोकरेज और बैंकों के 2026 के लिए सोने के लक्ष्य इस प्रकार हैं:
जेपी मॉर्गन: 2026 के अंत तक $6,300 प्रति औंस
यूबीएस: 2026 में $6,200 तक
ड्यूश बैंक: $6,000
गोल्डमैन सैक्स: $5,400 (अपडेटेड टारगेट)
वेल्स फार्गो: $6,100-$6,300
मैक्वेरी: औसत $4,323 (कुछ सुधार की संभावना)
ये अनुमान सेंट्रल बैंकों द्वारा 800 टन तक सोने की खरीदारी, निवेशकों की डाइवर्सिफिकेशन और अमेरिकी डॉलर की कमजोरी पर आधारित हैं। यदि ये लक्ष्य हासिल होते हैं, तो भारत में सोने का भाव डॉलर-रुपये की दर (लगभग 90-92) को ध्यान में रखते हुए काफी ऊंचा जा सकता है।
भारत में संभावित भाव स्तर
वर्तमान में (फरवरी 2026) भारत में सोने की कीमतें इस प्रकार हैं:
24 कैरेट: ₹15,578 प्रति ग्राम (₹1,55,780 प्रति 10 ग्राम)
22 कैरेट: ₹14,280 प्रति ग्राम (₹1,42,800 प्रति 10 ग्राम)
2026 के अंत तक यदि अंतरराष्ट्रीय सोना $6,000-$6,300 तक पहुंचता है, तो भारत में 10 ग्राम सोने का भाव 1.90 लाख से 2.20 लाख रुपये तक जा सकता है। कुछ आक्रामक अनुमानों में $7,000+ का स्तर भी संभव है, जिससे भाव 2.30 लाख से ऊपर जा सकता है। हालांकि, यदि वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता आती है या ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो अल्पकालिक सुधार संभव है और भाव 1.40-1.60 लाख के बीच आ सकता है।
प्रमुख कारक जो 2026 में सोने की कीमत तय करेंगे
सेंट्रल बैंक खरीदारी: उभरते बाजारों के सेंट्रल बैंक सोने को रिजर्व में बढ़ा रहे हैं, जो मांग को मजबूत रखेगा।
भू-राजनीतिक जोखिम: व्यापार युद्ध, क्षेत्रीय तनाव और नीतिगत अनिश्चितता सोने को सुरक्षित निवेश बनाए रखेंगे।
मुद्रास्फीति और ब्याज दरें: यदि अमेरिकी फेड रेट कट करता है, तो सोना और मजबूत होगा।
भारत में मांग: निवेश मांग (ETF और सिक्के) बढ़ रही है, लेकिन उच्च कीमतों से आभूषण खरीद प्रभावित हो सकती है।
रुपये की मजबूती/कमजोरी: डॉलर के मुकाबले रुपये में उतार-चढ़ाव सीधे प्रभाव डालेगा।
निवेशकों के लिए सलाह
सोना लंबी अवधि के लिए मजबूत संपत्ति बना हुआ है। यदि आप निवेश कर रहे हैं, तो SIP के जरिए या ETF में प्रवेश करें ताकि औसत लागत कम रहे। उच्च कीमतों पर एकमुश्त खरीदारी से बचें। आभूषण खरीदने वालों को त्योहारों या शादियों के समय सुधार का इंतजार करना बेहतर हो सकता है। कुल मिलाकर, 2026 में सोने की चमक बनी रहने की संभावना ज्यादा है, और 2 लाख का स्तर पार करना अब दूर नहीं लगता।
Disclaimer: यह लेख बाजार के रुझानों, विशेषज्ञ अनुमानों और उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित है। निवेश से पहले अपनी जोखिम क्षमता और विशेषज्ञ सलाह लें। बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य है।






