जनवरी 2026 में गोल्ड और सिल्वर ETF का कुल AUM पहली बार 3 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। अगस्त 2025 में यह महज 1 लाख करोड़ के आसपास था, यानी मात्र 5 महीनों में लगभग तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई। जनवरी में ही 33,500 करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड इनफ्लो आया, जिसमें गोल्ड ETF में 24,040 करोड़ और सिल्वर ETF में 9,463 करोड़ शामिल हैं। गोल्ड ETF फोलियो 80.34 लाख से बढ़कर 1.14 करोड़ हो गए (43% वृद्धि), जबकि सिल्वर ETF फोलियो 11.31 लाख से उछलकर 47.85 लाख पहुंच गए (323% की तेजी)। यह उछाल वैश्विक अनिश्चितता, कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशकों की मजबूत मांग और सुरक्षित परिसंपत्ति के रूप में बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
गोल्ड-सिल्वर ETF में रिकॉर्ड उछाल: AUM 3 लाख करोड़ के पार
भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में गोल्ड और सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) ने जनवरी 2026 में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। AMFI के आंकड़ों के अनुसार, इन दोनों कैटेगरी का संयुक्त एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) जनवरी में 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया, जो अब तक का सर्वोच्च स्तर है।
यह वृद्धि विशेष रूप से उल्लेखनीय है क्योंकि अगस्त 2025 में कुल AUM महज 1 लाख करोड़ रुपये के आसपास था। यानी 5 महीनों के भीतर एसेट्स में लगभग 200% की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशकों ने रिकॉर्ड निवेश जारी रखा, जिससे साफ जाहिर होता है कि गोल्ड और सिल्वर अब पोर्टफोलियो में हेज और डायवर्सिफिकेशन का प्रमुख माध्यम बन चुके हैं।
जनवरी में आई रिकॉर्ड इनफ्लो की डिटेल
कुल इनफ्लो: 33,503 करोड़ रुपये (गोल्ड + सिल्वर ETF)
गोल्ड ETF में नेट इनफ्लो: 24,040 करोड़ रुपये (दिसंबर 2025 के 11,647 करोड़ से 106% अधिक)
सिल्वर ETF में नेट इनफ्लो: 9,463 करोड़ रुपये (दिसंबर के मुकाबले 139% की बढ़ोतरी)
तुलनात्मक आंकड़ा: इसी महीने इक्विटी-ओरिएंटेड स्कीम्स में नेट इनफ्लो 24,029 करोड़ रहा, यानी पहली बार गोल्ड-सिल्वर ETF ने इक्विटी फंड्स को पीछे छोड़ दिया।
यह ट्रेंड दर्शाता है कि निवेशक अब इक्विटी की अस्थिरता से बचने के लिए प्रीकियस मेटल्स की ओर तेजी से मुड़ रहे हैं।
फोलियो में भारी इजाफा: रिटेल निवेशकों की भागीदारी
| पैरामीटर | अगस्त 2025 | जनवरी 2026 | वृद्धि (%) |
|---|---|---|---|
| गोल्ड ETF फोलियो | 80.34 लाख | 1.14 करोड़ | 43% |
| सिल्वर ETF फोलियो | 11.31 लाख | 47.85 लाख | 323% |
| कुल फोलियो वृद्धि | – | – | तेज उछाल |
सिल्वर ETF में फोलियो की 323% की वृद्धि सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली है। यह बताता है कि युवा और मिडिल क्लास निवेशक अब चांदी को भी गोल्ड की तरह आकर्षक हेज मान रहे हैं, खासकर औद्योगिक मांग और कीमतों में तेजी के चलते।
निवेशकों का भरोसा बढ़ने के प्रमुख कारण
वैश्विक और घरेलू अनिश्चितता — जियोपॉलिटिकल टेंशन, अमेरिकी फेड की नीतियों में बदलाव की उम्मीद और इक्विटी मार्केट में करेक्शन ने सुरक्षित एसेट्स की मांग बढ़ाई।
कीमतों में मजबूती — सोने-चांदी की कीमतें उच्च स्तर पर बनी रहीं, जिससे निवेशकों ने गिरावट को खरीदारी का मौका माना।
पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन — विशेषज्ञों का सुझाव है कि पोर्टफोलियो में 10-15% गोल्ड-सिल्वर रखना चाहिए, जो अब निवेशक मान रहे हैं।
ETF की सुविधा — फिजिकल गोल्ड की तुलना में ETF में कोई मेकिंग चार्ज, स्टोरेज खर्च या शुद्धता की चिंता नहीं। ट्रेडिंग स्टॉक की तरह आसान।
इक्विटी से शिफ्ट — मिडकैप और स्मॉलकैप में वैल्यूएशन हाई होने से फंड फ्लो मॉडरेट हुआ, जिसका फायदा प्रीकियस मेटल्स को मिला।
रिटेल पहुंच — डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और कम एक्सपेंस रेशियो वाले ETF ने आम निवेशक को आकर्षित किया।
गोल्ड vs सिल्वर: AUM ब्रेकअप
गोल्ड ETF AUM: लगभग 1.84 लाख करोड़ रुपये (AMFI कैटेगरी)
सिल्वर ETF AUM: लगभग 1.16 लाख करोड़ रुपये (अनुमानित इंडस्ट्री अनुमान)
कुल: 3 लाख करोड़ से अधिक
सिल्वर ETF की तेज ग्रोथ भविष्य में और मजबूत हो सकती है क्योंकि इंडस्ट्रियल डिमांड (सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स) बढ़ रही है।
निष्कर्ष में निवेशकों के लिए संकेत
यह रिकॉर्ड स्तर निवेशकों के बदलते रवैये को रेखांकित करता है। जहां पहले गोल्ड मुख्य रूप से शादी-त्योहारों के लिए खरीदा जाता था, अब यह पोर्टफोलियो का स्थायी हिस्सा बन गया है। सिल्वर की बढ़ती लोकप्रियता से लगता है कि आने वाले महीनों में भी यह मोमेंटम जारी रह सकता है, बशर्ते वैश्विक माहौल अनुकूल बना रहे।
Disclaimer: यह न्यूज रिपोर्ट बाजार के रुझानों और उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित है। निवेश से पहले अपनी जोखिम क्षमता और वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।






