“चांदी की कीमतों में मंगलवार को भारी उछाल देखा गया, जहां यह 2.71 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। एक ही दिन में 6000 रुपये की बढ़ोतरी के साथ, पिछले तीन सत्रों में कुल 21,000 रुपये की वृद्धि दर्ज की गई। भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षित निवेश की मांग ने इस तेजी को बढ़ावा दिया, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी 86 डॉलर प्रति औंस के शिखर पर पहुंची।”
राष्ट्रीय राजधानी में चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे सत्र में तेजी जारी रही, जहां यह 6000 रुपये उछलकर 2,71,000 रुपये प्रति किलोग्राम के नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, इस वृद्धि से पिछले तीन कारोबारी दिनों में चांदी 21,000 रुपये महंगी हो चुकी है, जो 8.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाती है। दिसंबर 2025 के अंत से अब तक चांदी में 32,000 रुपये की कुल वृद्धि हो चुकी है, जो 13.4 प्रतिशत की मजबूत रैली को दर्शाती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी स्पॉट मूल्य 85.64 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है, जो सोमवार को 86 डॉलर प्रति औंस के नए शिखर को छू चुकी है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं, विशेष रूप से ईरान केंद्रित तनावों के कारण सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी है। HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट (कमोडिटी) सौमिल गांधी ने कहा कि लंबे समय से चले आ रहे भू-राजनीतिक मुद्दों ने कीमती धातुओं में रैली को समर्थन दिया है।
MCX पर चांदी का भाव 8776 रुपये चढ़कर 2,77,746 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ, जहां दिन का उच्चतम स्तर 2,76,954 रुपये रहा। दिन का न्यूनतम स्तर 2,66,037 रुपये दर्ज किया गया, जबकि औसत मूल्य 2,70,974 रुपये प्रति किलोग्राम रहा। ओपन इंटरेस्ट में 5.92 प्रतिशत की गिरावट के साथ 10,459 कॉन्ट्रैक्ट्स बचे हैं।
चांदी की कीमतों में हालिया बदलाव (रुपये प्रति किलोग्राम):
तेजी के प्रमुख कारण:
| तारीख | कीमत | बदलाव |
|---|---|---|
| 10 जनवरी | 2,60,000 | +10,000 (पिछले सत्र से) |
| 12 जनवरी | 2,70,000 | +10,000 |
| 13 जनवरी | 2,75,000 | +5,000 |
भू-राजनीतिक तनाव: ईरान से जुड़े मुद्दों ने वैश्विक अनिश्चितता बढ़ाई, जिससे निवेशक चांदी जैसे सुरक्षित एसेट्स की ओर मुड़े।
औद्योगिक मांग: सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और 5G इंफ्रास्ट्रक्चर में चांदी का उपयोग बढ़ा, जहां सिल्वर इंस्टीट्यूट के अनुसार इस साल औद्योगिक डिमांड 700 मिलियन औंस तक पहुंच सकती है।
निवेश मांग: टेक्निकल स्ट्रेंथ और सपोर्टिव डॉलर एनवायरनमेंट ने कीमतों को ऊपर धकेला, जबकि US फेडरल रिजर्व की नीतियों पर चिंताओं ने भी योगदान दिया।
बाजार गतिविधि: लगातार खरीदारी और प्रॉफिट बुकिंग के बाद रिबाउंड ने वोलेटाइल लेकिन ऊपर की दिशा दिखाई।
मिरे एसेट शेयरखान के प्रवीण सिंह ने कहा कि गोल्ड की तरह चांदी में भी कंसॉलिडेशन के बाद प्रॉफिट टेकिंग देखी गई, लेकिन US इन्फ्लेशन डेटा का इंतजार निवेशकों को सतर्क रख रहा है।
Disclaimer: This news report is based on market tips and sources.






