केंद्रीय कर्मचारी संगठनों ने 8वें वेतन आयोग में कम से कम 5 प्रमोशन की गारंटी, पुरानी पेंशन स्कीम की बहाली, फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी और परिवार इकाई को 3 से 5 करने की मांग रखी है। इससे वेतन, पेंशन और भत्तों में बड़ा उछाल आ सकता है, जबकि पेंशनर्स को संशोधित पेंशन और बेहतर मेडिकल सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
8वां वेतन आयोग: कर्मचारियों को 5 प्रमोशन की तैयारी! पेंशनर्स के लिए भी बड़ी राहत; मिल सकते हैं क्या-क्या फायदे?
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग की चर्चा तेज हो गई है। हाल ही में दिल्ली में नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड) जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की बैठक हुई, जहां कर्मचारी संगठनों ने कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। इनमें सबसे प्रमुख है कर्मचारियों के लिए कम से कम 5 प्रमोशन की गारंटी सुनिश्चित करना। वर्तमान में प्रमोशन की प्रक्रिया लंबी चलती है और कई कर्मचारी रिटायरमेंट तक उच्च पदों तक नहीं पहुंच पाते। संगठन चाहते हैं कि कैरियर प्रोग्रेशन में स्पष्ट टाइमलाइन हो, ताकि हर कर्मचारी को करियर में पर्याप्त उन्नति मिले।
यह मांग कैरियर स्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ वेतन वृद्धि को भी प्रभावित करेगी, क्योंकि प्रमोशन के साथ पे लेवल में बदलाव आता है। यदि यह प्रस्ताव स्वीकार होता है, तो लाखों कर्मचारियों को समयबद्ध तरीके से उच्च ग्रेड और वेतन मिल सकता है।
फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम वेतन में संभावित उछाल कर्मचारी संगठन 3.25 तक फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ प्रस्तावों में 3.00 का सुझाव है। वर्तमान 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था। यदि 3.00 या इससे अधिक लागू होता है, तो न्यूनतम बेसिक पे ₹18,000 से बढ़कर ₹54,000 तक पहुंच सकता है। परिवार इकाई को 3 से बढ़ाकर 5 करने का प्रस्ताव भी जोर पकड़ रहा है, जिससे न्यूनतम वेतन गणना में 66% तक की बढ़ोतरी संभव है। इससे Aykroyd फॉर्मूला के आधार पर न्यूनतम वेतन में बड़ा बदलाव आ सकता है।
वार्षिक इंक्रीमेंट और अन्य भत्तों में बदलाव संगठन 3% की बजाय 7% वार्षिक इंक्रीमेंट की मांग कर रहे हैं। कुछ प्रस्तावों में बायएनुअल इंक्रीमेंट भी शामिल है। लीव एन्कैशमेंट को 300 दिनों से बढ़ाकर 400 दिन करने की मांग है। CGHS कवरेज बढ़ाने, परिवार इकाई में माता-पिता को शामिल करने और चिल्ड्रन एजुकेशन अलाउंस को पोस्टग्रेजुएट स्तर तक विस्तार देने पर भी जोर है।
पेंशनर्स के लिए प्रमुख राहत पेंशनर्स को भी 8वें वेतन आयोग से बड़ी उम्मीदें हैं। न्यूनतम पेंशन ₹9,000 से बढ़कर ₹22,500-₹25,000 तक पहुंच सकती है, फिटमेंट फैक्टर के आधार पर। पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) की बहाली की मांग प्रमुख है, क्योंकि NPS के तहत योगदान आधारित पेंशन में अनिश्चितता बनी रहती है। यदि OPS बहाल होता है, तो पेंशनर्स को फिक्स्ड पेंशन और बेहतर सुरक्षा मिलेगी। पेंशन संशोधन 1 जनवरी 2026 से रेट्रोस्पेक्टिव प्रभाव से लागू हो सकता है, जिससे एरियर भी मिलेगा।
संभावित समयसीमा और प्रभाव 8वां वेतन आयोग जनवरी 2026 से प्रभावी होने की उम्मीद है, हालांकि रिपोर्ट 18 महीने में आएगी। DA वर्तमान में 60% के करीब पहुंच चुका है, जो फिटमेंट फैक्टर निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यदि DA 70% तक पहुंचता है, तो मर्ज होने पर बेसिक पे में अतिरिक्त फायदा होगा।
संभावित फायदों की सूची
कम से कम 5 प्रमोशन की गारंटी से कैरियर ग्रोथ तेज
फिटमेंट फैक्टर 3.00+ से न्यूनतम वेतन ₹54,000+
वार्षिक इंक्रीमेंट 7% तक
परिवार इकाई 5 सदस्यों तक, न्यूनतम वेतन गणना में 66% बढ़ोतरी संभव
OPS बहाली से पेंशनर्स को फिक्स्ड और सुरक्षित पेंशन
न्यूनतम पेंशन ₹25,000 तक संभावित
CGHS, HRA, TA और अन्य भत्तों में सुधार
## ये मांगें अभी चर्चा के दौर में हैं और आयोग की अंतिम सिफारिशों पर निर्भर करेंगी।






