गेहूं बुवाई में रिकॉर्ड उछाल: 2026 रबी सीजन में 334 लाख हेक्टेयर पार, जानें क्या होगा उत्पादन पर असर?

By Ravi Singh

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“चालू रबी सीजन में गेहूं की बुवाई 334.17 लाख हेक्टेयर पहुंच गई, जो पिछले साल की समान अवधि से 6.13 लाख हेक्टेयर अधिक है। कुल रबी फसलों की बोआई 634.14 लाख हेक्टेयर हुई, जिसमें दालों और तिलहनों में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जो अच्छे मानसून और ऊंचे MSP का परिणाम है।”

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, चालू रबी सीजन में गेहूं की बुवाई में तेजी आई है। इस साल बोआई का क्षेत्र पिछले साल की तुलना में बढ़कर 334.17 लाख हेक्टेयर हो गया, जबकि सामान्य क्षेत्र 312.35 लाख हेक्टेयर है। यह वृद्धि मुख्य रूप से उत्तर भारत के राज्यों में देखी गई, जहां मौसम अनुकूल रहा।

गेहूं के अलावा, अन्य रबी फसलों में भी प्रगति दर्ज हुई। दालों की बोआई 134.30 लाख हेक्टेयर पहुंची, जिसमें चना की बुवाई 95.88 लाख हेक्टेयर हुई, जो पिछले साल से 4.66 लाख हेक्टेयर अधिक है। तिलहनों में रेपसीड और मस्टर्ड की बुवाई 89.36 लाख हेक्टेयर दर्ज की गई, जो 2.79 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी दर्शाती है।

नीचे दी गई तालिका में प्रमुख रबी फसलों की बोआई का विवरण है (क्षेत्र लाख हेक्टेयर में):

फसलसामान्य क्षेत्रपिछले साल की बोआईइस साल की बोआईवृद्धि/कमी
गेहूं312.35328.04334.17+6.13
चावल42.9314.9017.57+2.67
दालें (कुल)140.42130.87134.30+3.43
– चना100.9991.2295.88+4.66
– मसूर15.1316.8517.06+0.21
श्री अन्ना और मोटे अनाज (कुल)55.3350.6651.79+1.13
– ज्वार24.6222.0020.74-1.26
– बाजरा0.590.120.120.00
– मक्का23.6121.8723.32+1.45
तिलहन (कुल)86.7893.2796.30+3.03
– रेपसीड और मस्टर्ड79.1786.5789.36+2.79
– मूंगफली3.693.373.13-0.24
कुल फसलें637.81617.74634.14+16.40

यह बढ़ोतरी अच्छे मानसून अवशेष नमी और ऊंचे न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के कारण संभव हुई। गेहूं का MSP इस साल 2,275 रुपये प्रति क्विंटल है, जो किसानों को प्रोत्साहित कर रहा है।

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प्रमुख बिंदु:

उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पंजाब जैसे राज्यों में गेहूं बुवाई में सबसे अधिक वृद्धि, जहां कुल क्षेत्र का 70% से अधिक योगदान है।

दालों में वृद्धि आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती देगी, आयात पर निर्भरता कम करेगी।

तिलहनों की बढ़ी बोआई खाद्य तेल उत्पादन बढ़ाएगी, जो महंगाई नियंत्रण में मददगार साबित होगी।

कुल रबी क्षेत्र में 16.40 लाख हेक्टेयर की वृद्धि से अनुमानित उत्पादन 112 मिलियन टन से अधिक हो सकता है, जो खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।

यह ट्रेंड किसानों की आय बढ़ाने और बाजार स्थिरता में योगदान देगा, विशेषकर वैश्विक अनाज कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच।

Disclaimer: यह समाचार रिपोर्ट उपलब्ध स्रोतों पर आधारित है। सुझाव केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए हैं।

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Ravi Singh

मेरा नाम रवि सिंह है, मैं एक कंटेंट राइटर के तौर पर काम करता हूँ और मुझे लेख लिखना बहुत पसंद है। 4 साल के ब्लॉगिंग अनुभव के साथ मैं हमेशा दूसरों को प्रेरित करने और उन्हें सफल ब्लॉगर बनाने के लिए ज्ञान साझा करने के लिए तैयार रहता हूँ।

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